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महिमामय परमेश्वर बुला रहा है

महिमामय परमेश्वर बुला रहा है।

परमेश्वर जो सारी महिमा का धनी है वह महिमामय परमेश्वर आपको अपनी महिमा के लिए बुला रहा है, और क्या आप उसकी बुलाहट से अवगत हैं या नहीं।

वही महिमामय परमेश्वर ने उत्पत्ति अध्याय 12 में इब्राहीम से बात की और उसे अपनी महिमा के लिए बुलाया।

परमेश्वर ने इब्राहीम से कहा, "अपना देश, अपनी प्रजा को छोड़कर, और अपने पिता के घराने को छोड़कर उस देश में चला जा, जो मैं तुझे दिखाऊंगा"

परमेश्वर ने इब्राहीम से 3 चीजे छोड़ने को कहा।
1.
अपना देश
2.
अपने लोग
3.
अपने पिता का घर

इब्राहीम के लिए इन सब बातों को छोड़ना बहुत कठिन होगा, परन्तु उसने वहाँ जाने का निश्चय किया जहा परमेश्वर उसे जाने के लिए कह रहा था, और हम उत्पत्ति 12:8 में पढ़ते हैं कि इब्राहीम ने उस स्थान को छोड़ दिया और बेतेल के पूर्व में पहाड़ों पर चला गया।

जब भी वह महिमामय परमेश्वर आपको बुलाए तो परमेश्वर आपको कुछ न कुछ छोड़ने के लिए कहेंगे, और यह हमारे जीवन का एक बहुत ही महत्वपूर्ण पडाव है जिसे हमें किसी भी कीमत पर पार करना है।

एक बात का हमेशा ध्यान रखें, जब भी परमेश्वर आपको कुछ छोड़ने के लिए कहते हैं तो इसका मतलब यह नहीं है कि वह आपसे नफरत करते हैं।

इसलिए जब महिमामय परमेश्वर ने पौलुस को बुलाया जो की विश्वासी लोगो को पीडा पहुंचाने वाला था, लेकिन जब उसने महिमामय परमेश्वर की महिमा को समझा तो वह मसीह में एक नया व्यक्ति बन गया।

इसीलिए वो फिलिप्पियों 3:8 में कहेता है, और तो और, मैं अपने प्रभु यीशु मसीह के ज्ञान की श्रेष्ठता के कारण सब बातों को हीन ही समझता हूं।

पौलुस  के लिए सब कुछ हीन है, लेकिन महिमामय येशु मसीह और उनका ज्ञान सबसे श्रेष्ठ है।

इसीलिए एक बार जब आप अपने जीवन में महिमामय परमेश्वर की बुलाहट को समझ जाते हैं, तो आपके लिए चीजों को छोड़ना और परमेश्वर के राज्य के लिए एक परिवर्तित व्यक्ति बनना बहुत ही आसान हो जाएगा।

ब्लॉग पढ़ने वाले सभी को परमेश्वर आशीष और अनुग्रह दे।

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